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    Prathibha didi took revenge from husband

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    हेलो फ्रेंड्स मैं विक्की, मेरी उम्र २० साल है. मैं अपने पेरेंट्स के साथ रहता हूँ. मेरी बड़ी दीदी प्रतिभा की शादी 6 साल पहले हो चुकी है. वो भी इसी शहर में ही रहती है.
    एक बार मुझे दीदी का फ़ोन आया वो काफी रो रही थी. उन्होंने कुछ ठीक से नहीं बताया पर मुझे जल्दी से अपने घर बुलाया.. मैं जल्दी से उनके घर पंहुचा.. उन्होंने मुझे गले लगा लिया और रोने लगी.
    मैं: क्या हुआ दीदी आप रो क्यों रही हो
    दीदी: भाई मैं तो बर्बाद हो गयी..
    मैं: क्या हुआ दीदी थी ठीक से बताओ
    दीदी: भाई तेरे जीजाजी मुझे दोखा दे रहे है
    मैं: क्या बोल रही हो दीदी.. आप को कैसे पता?
    दीदी: मैंने कल उनका फ़ोन चेक किया था.. उनकी सेकेरेट्री का मैसेज आया था की वो आज उनके घर पर मिलेंगे
    मैं: ठीक है दीदी मैं पता लगा कर आता हूँ.. आप मुझे उनके पता दो

    मैं दीदी के बताये पते पर गया. इत्तेफ़ाक़ से बैडरूम की खिड़की खुली हुई थी. मैंने देखा की जीजाजी किसी लड़की के साथ मजे मार रहे थे. शायद वही उनकी सेकेट्ररी होगी. दिखने में वो गजब की माल थी और शादीशुदा लग रही थी. जीजाजी मजे से उसे चोद रहे थे. मैंने उनकी चुदाई का पूरा वीडियो बना लिया और वहा से चला गया.
    घर जाकर मैंने दीदी को वो वीडियो दिखा दिया. दीदी वीडियो देखते ही मुझे गले लगा कर रोने लगी..
    दोस्तों मेरी प्रतिभा दीदी बला की सेक्सी आइटम है. दीदी की उम्र ३० साल है और बदन का नाप 38-32-40. दीदी दिखने में गोरी और बहुत ही सुन्दर है. दीदी लम्बी चौड़ी और हरे भरे बदन की मल्लिका है. भगवान ने दीदी को हुस्न और कामुकता भर भर कर दिया है…
    दीदी ने आज रेड कलर की पतली साड़ी पहनी थी. साड़ी दीदी की नाभि से काफी निचे बंधा हुआ था जिससे उनकी पतली कमर और भी सेक्सी लग रही थी. साड़ी में कैद दीदी की बड़ी सी गांड कयामत थी. और सबसे मस्त दीदी की रसीली चूचियां थी जिसका आकार बड़े बड़े पपीते जैसा था. दीदी के बड़े बड़े दूध देखकर के अच्छे अच्छो का माल निकल जाये…
    दीदी मुझसे लिपट कर रो रही थी. उनके बड़े बड़े चुच्चे मेरे सीने में दब रहे थे.. मैं दीदी की गोरी नंगी पीठ को सहला रहा था और मजे ले रहा था…
    दीदी: भाई मेरी तो लाइफ बर्बाद हो गयी.. इस आदमी के लिए के लिए मैंने क्या कुछ नहीं किया..
    मैं: दीदी आप चुप हो जायो.. प्लीज
    दीदी: भाई मैं हमेशा पतिव्रता बीवी बनी रही और मेरा पति किसी दूसरी औरत को चोद रहा है…
    दीदी के मुंह से ऐसे बात सुनकर मैं चौंक गया, पर मैं दीदी को शांत कराने लगा. मैंने उन्हें ले जाकर सोफे में बैठा दीया और उनके बगल में बैठ गया.. दीदी मेरे कंधे में सर रखकर रोने लगी.. दीदी का पल्लू थोड़ा सरक गया था. और दीदी के ब्लाउज के अंदर कैद बड़े बड़े पपीते मुझे दिख रहे थे. उफ्फ्फ्फ़ दोस्तों वो सीन दिख कर मेरा लंड पूरा अकड़ गया था. दीदी की बड़े बड़े दूध के वजह से ब्लाउज पूरा टाइट था और ऐसा लग रहा था की दीदी ने सीने में दो पहाड़ो को कैद कर रखा है. दीदी का क्लीवेज मुझे परेशां कर रहा था पर मैं दीदी को किसी तरह सांत्वना दे रहा था. थोड़ी देर रोने के बाद दीदी थोड़ा चुप हुई पर अभी भी वो मायुश थी..
    दीदी: भाई तेरे जीजाजी ने मुझे क्यू दोखा दिया.. क्या मैं सुन्दर नहीं हूँ
    मैं: आप तो बहुत ही सुन्दर हो दीदी
    दीदी: फिर मैं क्या सेक्सी नहीं हूँ भाई..
    मैं: आप बहुत सेक्सी हो दीदी
    दीदी: नहीं भाई तु सच सच बोल तू भी एक मर्द है और जवान भी हो गया… तुझे तेरी बहन सेक्सी नहीं लगती…
    दीदी सोफे से खड़ा हो गयी और अपना बदन मुझे घूम घूम कर दिखने लगी.. दीदी ने अपनी साड़ी का पल्लू गिरा दिया..
    दीदी: क्या मेरी चूचियां बड़ी बड़ी नहीं है भाई..
    क्या नजारा था दोस्तों दीदी सिर्फ ब्लाउज में खड़ी थी.. उनके बड़े बड़े दूध आधे से ज्यादा नंगे थे और ब्लाउज से निकलने के लिए मचल रहे थे. फिर दीदी मुझे मुड़ी और अपनी गांड मुझे दिखाने लगी… दीदी की चौड़ी भरी हुई चुत्तड़ साड़ी में टाइट रैप थी. दीदी की गांड उभरी हुई और बाहर निकल हुई थी.. इतनी बड़ी गांड देख कर मेरा खड़ा हो गया था..
    दीदी: मुझे पता है मर्दो को औरतो की गांड बहुत अच्छी लगती है.. क्या मेरी गांड तुझे सेक्सी नहीं लग रही है..
    मैं: उफ्फ्फ्फ़ दीदी आप मुझे ये सब मुझे क्यू दिखा रही हो.. मैं आपका भाई हूँ
    दीदी: इसका मतलब तुझे भी मैं सेक्सी नहीं लगती..
    दीदी फिर मायुश हो गयी..
    मैं: नहीं दीदी आप बहुत ही सेक्सी हो.. आपकी चूचियां तो बड़े बड़े आमो जैसी रसीली है और आपके चुत्तड़ तो बहुत ही भारी भरकम है…
    फिर दीदी मुझसे आकर लिपट गयी और रोने लगी..
    दीदी: फिर भैया तेरे जीजाजी ने ऐसा क्यू किया
    मैं: दीदी इसमें आपकी कोई गलती नहीं है..
    मैं दीदी को दिलाशा दे रहा था और पीछे से उसका बदन सहला रहा था… मैं दीदी की नंगी पीठ को सहला रहा था और अपने पंजो से बिच बिच में भींच भी रहा था.. फिर मैंने अपना हाथ दीदी के चुत्तड़ो पर ले गया और जोर से दबा दिया.. दीदी के मुंह से हलकी से सिसकारियां निकल आयी.. फिर दीदी अलग हुई और वहा से चली गयी. दीदी अपने कमरे में चली गयी और रूम का डोर अंदर से बंद कर दिया… शायद दीदी अंदर रो रही थी. २ घंटे बाद दीदी कमरे से बाहर आयी. मैंने देखा अब दीदी की आँखों में आंसू नहीं थे और अब वो नार्मल लग रही थी

    मैं: दीदी आप ठीक तो है ना
    दीदी: हाँ भाई मैं ठीक.. बेवफा आदमी के लिए क्या रोना
    दीदी: पर मुझे अपने पति से बदला लेना है
    मैं: वो कैसे दीदी
    दीदी: वो किसी को चोद रहा है.. अब मैं भी किसी से चुदवाऊंगी…
    दीदी के बातें सुनकर मैं गर्म होने लगा

    मैं: ये आप क्या कह रही हो… मैं आप को ऐसा नहीं करने दूंगा
    दीदी: अरे मेरे प्यारे भाई… चुदेगी तो तेरी बहन जरूर.. अब तू देख तुझे चोदना है क्या
    मैं: कौन मैं दीदी… ये कैसे हो सकता है….
    दीदी: तू नहीं चाहता की तेरी बहन के कलेजे को ठण्ड मिले… वैसे भी मैंने देखा मेरा बदन देख कर तेरे पैंट में तम्बू बना हुआ था.. और कैसे तुमने मेरी गांड दबायी..
    मैं: हाँ दीदी मैं तो कब से आपके रसीले आमो को चूसना चाहता हूँ और अपने मोटे लंड से आपकी बूर और गांड फाड़ना चाहता हूँ..
    दीदी: फिर ठीक है… चल भाई आज मेरे बिस्तर में मेरे पति की जगह ले ले और पूरा कर दे मेरा बदला..
    मैंने दीदी को गोद में उठाया और उनके कमरे में ले गया.. वहा मैंने AC चालू की और रूम बंद कर दिया…
    मैंने दीदी को अपनी बाहो में भर लिया और चूमने लगा… ओह्ह्ह्हह दीदी आई लव यू.. यू आर सो सेक्सी… जीजाजी तो चुतिया है साला… ऐसी सेक्सी माल के होते हुए किसी और को चोद रहा है… आज आपका भाई आपको पूरा प्यार देगा…
    दीदी: ओह्ह्ह्ह माय स्वीट ब्रदर मेक मी योर वाइफ…
    मैं दीदी को पागलो की तरह चूमने लगा.. मैंने दीदी का पल्लू गिरा दिया और मैं दीदी के गले और चेहरे को चुम रहा था.. क्लीवेज लाइन इतना डीप था की जैसे दो पहाड़ो के बिच में कोई खाई हो.. दीदी की चूचियां की सांसो के साथ ऊपर निचे हो रही थी.. वो नजारा देखने लायक था दो बड़े बड़े पपीते जैसी चूचियां ब्लाउज में अधनंगी हालत में कैद थे.. मैंने दीदी को एक लिप किश किया और अपना हाथ दीदी के ब्लाउज के ऊपर ले गया… और ऊपर से ही चुच्चो को सहलाने और दबाने लगा……….. अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह भाई… जोर से दबा अपनी दीदी की चुकी… हाँ दीदी आज तो निचोड़ के इनका रस पिऊँगा.. फिर मैंने ब्लाउज का एक हुक खोला और अपना हाथ ब्लाउज के अंदर डाल दिया और एक चूची को पकड़ कर मसलने लगा… दीदी अब तेजी से मॉन कर रही थी… अह्ह्ह्हह उईईई… मैंने धीरे धीरे करके सारे हुक खोल दिए और ब्लाउज उतार दी.. अब दीदी रेड कलर की ब्रा में थी… रेड कलर की ब्रा में दीदी की भारी चूचियां कयामत लग रही थी… ब्रा बहुत ही टाइट थी दीदी की चूचियां ऊपर से पॉप करके बहार आ रही थी.. इतने बड़े बड़े दूध को ब्रा में कैद करना आसान नहीं है.. दीदी की गोरी गोरी अधनंगी चूचियों ने मेरा हालत ख़राब कर दिया था.. ‘उफ्फ्फ दीदी कितनी बेरहमी से आपने इन आमो को बंद करके रखा है… इतने सुन्दर आमो के साथ ऐसा कोई करता है क्या’.. मैं ब्रा के ऊपर से दीदी की चूचियों को दबा रहा था और किश कर रहा था…….
    दीदी: ठीक है तू ही रहम खा ले इनपर और आजाद कर दे..
    मैंने दीदी की ब्रा खोल दी.. ब्रा खोलते ही २ बड़े बड़े फुटबॉल जैसी चूचियां उछलने लगी.. दीदी की चूचियां बहुत ही बड़ी और भरी हुई थी.. साथ ही साथ तनी और कसी हुई थी.. मैंने तुरंत दोनों चूचियों को अपने हाथो में लिया और जोर जोर से मसलने लगा… अह्हह्ह्ह्ह भाई… और कस के मसलो इन्हे… मैंने एक निप्पल मुंह में लिया और जोर जोर से चूसने लगा और दूसरी चूची को दबाने लगा… मैं बिच बिच में चूचियों को काट भी रहा था… अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह विक्की मेरे भाई बस कर खा जायेगा क्या… उफ्फ्फ दीदी इन रसीले आमो को तो मैं खा जाऊँगा आज दीदी… १५ मिनट मैंने दीदी की चूचियों को खूब दबाया और चूसा.. मैं दीदी के पुरे बदन को चुम रहा था… मैं चूमते हुए दीदी की पतली कमर में पहुंच गया.. मैं उनकी गोरी चिकनी कमर को चुम रहा था और मेरा हाथ दीदी के चुत्तड़ो पर था.. दीदी की गांड बहुत ही बड़ी और मांसल थी.. इतनी सॉफ्ट भारी चुत्तड़ो को मसलने का अलग ही मजा था… फिर मैंने दीदी की साड़ी उठाई.. साड़ी उठाते ही दीदी की मोटी मोटी चिकनी टाँगे मुझने दिखने लगी और मैंने देखा दीदी ने रेड कलर की छोटी सी चड्डी पहनी हुई.. मैंने उनकी चड्डी उतार दी और उनकी चुत चाटने लगा.. मैं अपने दोनों हाथो से दीदी के बड़ी गांड को मसल रहा था… दीदी अब कण्ट्रोल से बाहर हो गयी थी… अह्ह्ह्हह भाई इतना मजा मुझे आज तक नहीं मिला है.. उफ्फ्फ दीदी बहुत ही टेस्टी बूर है आपकी… मैं दीदी की बूर को बहुत देर तक चूसा…
    दीदी: भाई बस कर दे अब… चल जल्दी से चोद अपनी बहन को…. आजा भाई जल्दी कर और बन जा मेरा पति…
    मैं: ओके दीदी…
    मैंने दीदी को उनके बिस्तर पर फेंका.. उनकी टांगो के बिच आ गया… मैंने दीदी की साड़ी ऊपर की और अपना लौड़ा दीदी की बूर में घिसने लगा… ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह भाई बस कर खेलना और चुदाई स्टार्ट कर… मैं धीरे धीरे अपना लंड दीदी की बूर में घुसाने लगा.. 2-३ झटको में दीदी की बूर में मेरा लंड समा गया…
    दीदी: अह्ह्ह्हह्हह भाई इतना मोटा लौड़ा पहली बार मेरे अंदर गया है.. अब अच्छे से चोद मुझे…
    मैं: ठीक है दीदी
    मैं अब अपना लंड दीदी के बूर में अंदर बाहर करने लगा… मैं अपना लौड़ा पूरा बाहर निकालता और जड़ तक दीदी की बूर में पेल देता… फिर मैंने चोदने की स्पीड बढ़ा दी.. उईईईईई उउउउउउ अह्ह्ह्हह भाई बहुत मजा आ रहा है…
    मैं: बहुत सती सावित्री बनती थी.. अब रंडी बनकर कैसा लग रहा है…
    दीदी: अह्ह्ह्हह उउउउउउ भाई बहुत मजा आ रहा है… बहुत अच्छे से चोद रहा है तू…
    मैं: उफ्फफ्फ्फ़ दीदी चलो अब मैं पीछे से आपकी लूँगा..

    दीदी दिवार पर हाथ रख कर खड़ी हो गयी… मैं दीदी के पीछे आ गया और मैंने दीदी की साड़ी ऊपर की… दीदी की गोरी चिकनी भारी गांड देखकर मेरे मन में लालच आ गया… पर मैं सिर्फ अभी दीदी की बूर का मजा लेना चाहता था.. इसलिए मैंने दीदी की गांड को कसकर पकड़ा और अपना लंड फिर से दीदी की बूर में पेल दिया…
    दीदी: ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई क्या शॉट मारा है.. पूरा बदन हिल गया…
    मैं: अह्ह्ह्हह दीदी आपका बदला पूरा हो रहा है ना
    दीदी: हाँ भाई.. और जोर जोर से चोद मुझे.. अब मुझे थोड़ा अच्छा लग रहा है.. जितना तू रगड़ कर चोदेगा मुझे उतना ही मेरा मन हल्का होगा..
    मैं: ठीक है प्रतिभा डार्लिंग… आज तेरा गम दूर कर ही देता हूँ..

    मैं दीदी की चौड़ी गांड को पकड़ कर पीछे से दीदी की बूर चोद रहा था… दीदी की बड़ी गांड का भी मुझे मजा मिल रहा था.. मैं बेरहमी से दीदी की चुत मार रहा था.. दीदी भी जोर जोर से चिल्ला के चुद रही थी.. अह्ह्ह्ह ऊह्ह्ह्ह आईईईई..
    फिर मैंने दीदी को अपने आगोश में ले लिया और चोदने लगा.. मैं दीदी की गोरी पीठ को चुम रहा था और अपने हाथो से उनके आमो को दबा रहा था.. दीदी की बड़ी बड़ी चूचियों को दबा दबा कर चोदने में बहुत ही आनंद आ रहा था.. आउउउउउ उईईई भाई.. और तेज मार मेरा आने वाला है…
    मैं दीदी की चूचियों को दबा रहा था और उन्हें बुरी तरह पेल रहा था….
    मैं: ओह्ह्ह्ह प्रतिभा रंडी कैसा लग रहा है भाई से चुद कर..
    दीदी: अह्ह्ह्ह उउउउउउउ भाई जन्नत की सैर करा दी तूने आज.. और जोर से मार बहनचोद मेरा गिरने वाला है..
    मैं: ये ले.. खा फिर मेरा मोटा लंड
    अब मैं टॉप गियर लगा कर दीदी को चोद रहा था… दीदी की भारी चूचियों को दोनों हाथ से मसल रहा था और उनकी बूर चोद रहा था… अह्ह्ह्हह उईईईईई भाई मैं गयी… उईईईईई अह्ह्ह्हह
    ‘उफ्फ्फ्फ़ मेरी रंडी दीदी मेरा भी निकलने वाला है… अह्ह्ह्हह्ह

    हमदोनो थक कर बेड पर गिर गए… दीदी के चेहरे पर अब एक चमक गयी थी…
    मैं: अब तो आपको ठीक लग रहा है ना
    दीदी: हाँ मेरे भाई… अब मुझे अच्छा लग रहा है

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