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    वैशाली दीदी – 2

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    दोस्तों मैं रोहित, आपने मेरी कहानी “वैशाली दीदी” पढ़ी होगी. अब मैं इस कहानी का दूसरा पार्ट लेकर आया हूँ. एक दिन अंकल का कॉल आया
    अंकल: रोहित क्या तुम अपनी अपनी दीदी वैशाली को उसके ससुराल से यहाँ ले आओगे
    मैं: ठीक है अंकल मैं कल ही चला जाता हूँ
    फ़ोन रखते ही मेरे दिमाग में दो साल पहले की घटना घूमने लगी. की कैसी मेरी दीदी वैशाली ने मेरे साथ ही अपनी सुहागरात मनाई थी. दो साल बाद भी पूरी घटना मुझे अच्छे से याद है, ये सब सोचकर ही मेरा लंड खड़ा होने लगा.
    मैंने दूसरे दिन की फ्लाइट पकड़ी और दीदी के ससुराल चला गया. वहा पर उसके सास ससुर और जीजाजी ने मेरा स्वागत किया. थोड़ी देर बाद दीदी बाहर आयी. २ सालो में दीदी बहुत निखर गयी थी. अब वो पहले से भी ज्यादा हरी भरी माल बन चुकी थी. दीदी ने ग्रीन कलर की साड़ी पहनी थी. दीदी के गोरे और गदराये बदन में ट्रांसपेरेंट साड़ी मस्त लग रही थी.. टाइट स्लीवलेस ब्लाउज में दीदी मस्त लग रही थी. दीदी की चूचियां २ सालो में ३८ से बाद कर ४० के साइज की हो गयी थी. मेरी नजर दीदी के छाती के उभार पर ही थी. दीदी का बदन हर जगह से भर गया था. दीदी की चुत्तड़ और बड़ी और बाहर निकल आयी थी. दीदी मुझे अपने कमरे में ले गयी, बाकी लोग वही लिविंग रूम में बैठ कर टीवी देख रहे थे. दीदी ने रूम बंद किया और मुझे हग कर लिया…
    वैशाली: कैसा है भाई.. तुझसे मिलने के लिए मैं कब से बेचैन थी
    मैं: मैं ठीक हूँ दीदी..
    दीदी ने मुझे एक फ्रेंच किश दिया… मैंने भी दीदी का पूरा साथ दिया और दीदी को किश करने लगा.. मैंने अपना हाथ दीदी की भारी चुत्तड़ पर रखी और जोर से मसल दिया… दीदी की बड़ी और मांसल गांड को दबाने में बहुत ही मजा आ रहा था… आआह्ह्ह्ह भाई बस रुक जाओ.. फिर दीदी ने मेरे हाथ अपनी चुत्तड़ो से हटाया
    मैं: उफ्फ्फ दीदी ये क्या था कितना पैशनेट किश किया आपने
    दीदी: ओह्ह्ह्हह भाई ये तेरी बहन की तड़प है… तू तो दो सालो में अपनी दीदी को बिलकुल ही भूल गया… ना कोई मैसेज ना कोई कॉल
    मैं: सॉरी दीदी मैं थोड़ा पढाई में बिजी हो गया था
    दीदी: झूट मत बोल तुझे मेरी याद ही नहीं आयी… भूल गया तूने ही मेरे साथ पहली सुहागरात मनाई थी..
    मैं: नहीं दीदी सब याद है मुझे…
    दीदी: ठीक है तू फ्रेश हो जा,,, मैं कुछ खाने को लाती हूँ
    मैं: दीदी जाने से पहले अपने रसीले आमो के दर्शन करवा दो
    दीदी: हाँ भाई दिखाती हूँ, जब से आया है मेरी चूचियों और गांड पर ही नजर गड़ाए हुए है तू
    दीदी ने अपनी अपनी साड़ी का पल्लू हटा दिया.. उफ्फ्फ्फ़ ये सीन देखने के लिए ही तो मैं यहाँ आया था.. दीदी की फुटबॉल जैसी चूचियां बहुत ही मुश्किल से ब्लाउज में कैद थी. दीदी की गोरी चूचियां आधी ब्लाउज के अंदर से दिख रही थी. दीदी की बड़ी बड़ी चूचियां सांसो के साथ हिल रही थी.. उफ्फ्फ्फ़ दीदी आपके बॉल्स देख कर तो मेरे कण्ट्रोल ख़तम हो रहा है… मैं दीदी के तरफ बढ़ा… दीदी ने तुरंत अपना पल्लू ठीक किया और मुझे रोक दिया… भाई अभी नहीं..
    और दीदी अपनी बड़ी गांड मटकाते हुए वहा से चली गयी. दीदी की भारी चुत्तड़ टाइट साड़ी में बहुत ही सेक्सी लग रही थी…
    फिर हम सबने साथ में डिनर किया. मैंने सबको बताया की कल मैं और दीदी घर के लिए निकल जायेंगे.. सब ने हाँ कर दी.. डिनर ख़तम होने के दीदी टेबल साफ़ कर रही थी तभी जीजाजी आये और दीदी की गांड को दबाते हुए बोले ‘डार्लिंग जल्दी रूम में आओ… आज अच्छे से ठुकाई करनी है तेरी,
    ‘आप भी ना इतने उतावले क्यू हो रहे हो.. कुछ दिन में तो आ जाऊँगी वापस’
    ‘डार्लिंग कुछ दिन ऐसे ही लंड हिलाना पड़ेगा… आज की रात अच्छे से पेल लेने दो’
    ‘हाँ बाबा आती हूँ.. पहले रोहित को सोने दो’
    फिर जीजाजी वहा से चले गए. दीदी घर का काम ख़तम करके मेरे पास आयी
    दीदी: भाई पापा को बोल दे की हम २ दिन बाद आ रहे है
    मैं: पर दीदी मैंने तो कल की फ्लाइट बुक कर दी है
    दीदी: अरे बुद्धू २ साल बाद अपनी दीदी से मिला है.. थोड़ा मजा नहीं करना है क्या
    मैं: हाँ दीदी करना तो है
    दीदी: फिर मैं जो बोल रही हूँ वो बोलो
    मैंने अंकल को फ़ोन किया की हमदोनो २ दिन बाद आ रहे है.. फिर दीदी वहा से जाने लगी..
    दीदी: चल रोहित अब तू सो जा
    मैं: दीदी जीजाजी आज लगता है खूब ठुकाई करेंगे आपकी
    दीदी: हाँ यार 4-५ दिन की पूरी कसर निकालेंगे
    मैंने दीदी का हाथ अपने लंड पर रख दिया
    मैं: और दीदी मेरा क्या होगा
    दीदी: भाई टेंशन ना ले २ दिन पूरा मजा दूँगी..
    मैं: ठीक है दीदी… आप अपने कमरे के खिड़की खोल कर रखना.. मैं आप की चुदाई देखना चाहता हूँ
    दीदी: ठीक है
    फिर दीदी अपने कमरे में चली गयी.. मैं १० मिनट बाद दीदी के कमरे के खिड़की के पास गया… मैंने खिड़की से झांक कर देखा तो पाया की दीदी की चुदाई स्टार्ट हो चुकी थी.. जीजाजी पीछे से दीदी को चोद रहे थे… दीदी पूरी नंगी होकर चुदवा रही थी.. दीदी का मुंह मेरी तरफ था… दीदी की चूचियां हर शॉट के साथ उछल रही थी… मैंने अपना लंड निकाला और हिलाने लगा.. जीजाजी ने दीदी को बहुत चोदा और फिर वो सो गए.. मैं भी दीदी को देख देख कर मूठ मारा और अपने कमरे में जाकर सो गया…
    सुबह उठा और फटाफट जाने के लिए रेडी होने लगा… हमने सब से अलविदा लिया और एयरपोर्ट के तरफ चले गए. दीदी ने आज ब्लैक कलर की साड़ी पहनी थी… साड़ी में दीदी बहुत ही सेक्सी लग रही थी.. फ्लाइट में दीदी मेरी बगल वाली सीट पर बैठी थी. फ्लाइट उड़ते ही वो मेरे कंधे पर सर रख कर सो गयी.. दीदी ने जानबूझ कर अपनी पल्लू खिसका रखी थी.. दीदी का मस्त क्लीवेज दिख रहा था.. गोरी गोरी चूचियां ब्लाउज के अंदर से दिख रही थी.. मेरा बहुत बुरा हाल था… मैं पूरी फ्लाइट दीदी के बड़ी बड़ी बड़ी चूचियों को ताड़ता रहा. ३ घंटे की फ्लाइट के बाद हम अपने शहर पहुंच गए..
    मैं: दीदी अब तो हम यहाँ पहुंच गए… अब क्या करना है
    दीदी: भाई तेरे लिए सरप्राइज है
    थोड़ी देर बाद हमको पिक करने एक कार आया और वो हमें अपने शहर के एक मस्त होटल में ले गया.. मैं समझ गया की दीदी ने पहले से चुदवाने का प्लान बना रखा है.. होटल में दीदी ने एक हनीमून सूट बुक कर रखी थी. होटल में दीदी ऐसा बीहेव कर रही थी जैसे वो मेरी बीवी हो.. वो मेरे हाथ पकड़ कर चल रही थी. हम रूम में पहुंचे, रूम बहुत अच्छे तरीके से सजाया हुआ था.. बेड पर फूल बिछे हुए थे… मैं दीदी के पीछे पीछे चल रहा था… दीदी ने साड़ी बहुत निचे से पहनी थी.. और साड़ी इतनी टाइट बंधी थी की गांड और भी बड़ी लग रही थी.. दीदी का ब्लाउज स्लीवलेस था और बैक से पूरा ओपन था..
    मैं: ये तो मस्त सरप्राइज है दीदी
    दीदी: भाई तुमने सुहागरात तो मना ली थी पर हमारी हनीमून बाकी है अभी
    मैं: ओह्ह्ह्ह दीदी यू आर ग्रेट
    दीदी: आज तुझे मैं पूरा मजा दूँगी
    दीदी ने मेरी पैंट की ज़िप खोल कर लंड बाहर निकल लिया और लंड को चूसने लगी.. मुझे बहुत ही मजा आ रहा था.. मैं अपना लंड जोर जोर से दीदी के मुंह में पेल रहा था.. आह्ह्ह्ह दीदी और चुसू जोर से… दीदी जोर जोर से लंड को चूस रही थी.. १० मिनट में दीदी ने मेरे लंड पूरा निचोड़ दिया.. मेरे माल गिर चूका था और मैं रिलैक्स हो गया…

    पर दीदी ने मुझे छोड़ा नहीं और मुझे किश करने लगी.. मैं भी दीदी का साथ दे रहा था.. मैं अपना हाथ दीदी के नंगी पीठ पर ले गया और सहलाने लगा.. फिर मेरे हाथ कमर से होता हुआ दीदी की भारी चुत्तड़ो पर चला गया.. जिसे मैं जोर जोर से दबा रहा था.. अह्हह्ह्ह्ह भाई.. उउउउउउउ..
    फिर दीदी ने अपना पल्लू गिरा दी. दीदी का गोरा गदराया जिस्म ब्लैक ब्लाउज और साड़ी में चमक रहा था.. दीदी की गोरी गोरी फुटबॉल जैसी चूचियां ब्लैक ब्लाउज में बहुत ही कामुक लग रही थी. मैं दीदी के गले में किश करने लगा जिससे दीदी की सांसे बहुत तेज हो गयी थी और ब्लाउज में कैद दीदी की बड़ी बड़ी अधनंगी चूचियां बाउंस हो रही थी. मैंने दीदी की चूचियों को पकड़ लिया और दबाने लगा…
    अह्हह्ह्ह्ह भाई… और जोर से मसलो भाई..
    उफ्फ्फ्फ़ दीदी इन चूचियों ने मेरा जीना मुश्किल कर रखा है.. क्या माल छुपा रखा है आपने ब्लाउज के अंदर..
    आह्ह्ह्हह भाई ठीक है जल्दी से ब्लाउज खोल के पूरा मजा ले ले
    मैं दीदी के ब्लाउज का हुक खोलने लगा.. एक एक हुक खोलते ही दीदी की चूचियां और नंगी होती गयी.. मैं एक एक करके सारे हुक खोल दिए और ब्लाउज उतार दी. अब दीदी सिर्फ ब्लैक ब्रा में थी जिसमें उसकी पूरी चूचियां नंगी दिख रही थी.. मेरे लंड अब दुबारा खड़ा हो गया था.. मैं ब्रा के ऊपर से दीदी की चूचियों को दबा कर किश कर रहा था… अह्हह्ह्ह्ह भाई मजा आ रहा है.. और जोर से दबा
    मैं जोर जोर से दीदी की चूचियों को दबा रहा था और दीदी सिसकारियां भर रही थी… अह्ह्ह्ह उउउउउउ.. फिर मैं उसकी कमर को किश करने लगा और हाथो से दीदी के चुत्तड़ो को दबा रहा था.. अह्ह्ह्हह भाई… फिर मैंने दीदी की साड़ी उतार दी और पेटीकोट भी. दीदी का गोरा गदराया बदन ब्लैक ब्रा और पैंटी में बहुत ही सेक्सी लग रहा था. दीदी की चड्डी सिर्फ बूर को ढके हुए थी. मैंने दीदी को पीछे घुमाया तो देखा चड्डी भारी चुत्तड़ो के बिच में फंसी हुई है.. मैंने दीदी की गोरी चुत्तड़ो में थप्पड़ लगाए.. आअह्ह्ह उईईईईई भाई.. मार मार के मैंने गांड लाल कर दिए. फिर मैंने दीदी की चड्डी उतार दी.. अब उसकी बड़ी गांड पूरी नंगी थी,, जिसे मैंने खूब चूसा और दबाया. मैं दीदी को पीछे से पूरा चुम रहा था.. फिर मैंने दीदी की ब्रा भी उतार दी और गोरी नंगी बैक को किश करने लगा… अह्हह्ह्ह्ह भाई…. अब दीदी पूरा नंगी हो चुकी थी…. जब मैंने पीछे से दीदी की चूचियों को पकड़ा तो लगा जैसे दो बड़े बड़े मुलायम फुटबॉल हाथ में आ गए हो.. मै जोर जोर से उनके दूध दबा रहा था.. अह्हह्ह्ह्ह उह्ह्हह्ह भाई..
    मैंने दीदी को आगे पलटा और दीदी के गदराये बदन को निहारने लगा.. गोरा सुन्दर कामुक बदन, लटकती हुई नंगी चूचियां और चिकनी बूर.. दीदी आज तो मुझे किसी अप्सरा जैसी लग रही थी…
    दीदी: अह्ह्ह्हह भाई अपनी दीदी को नंगी करके ऐसे क्या देख रहा है… मुझे शर्म आ रही है
    मैं: ओह्ह्ह्ह दीदी मैं आपके गदराये बदन को देख रहा था.. २ साल में और भी गदरा चुकी हो आप.. आपके बॉल्स तो अब बहुत ही बड़े हो गए है.. लगता है जीजाजी बहुत चोदते है
    दीदी: हाँ भाई तेरे जीजाजी बहुत लेते है मेरी
    मैं: उफ्फ्फ दीदी ऐसी बीवी हो तो कौन नहीं चोदेगा
    मैं दीदी की चूचियों को जोर जोर से दबा रहा था और चूस रहा था… अह्ह्ह्हह भाई और जोर से चुस भाई…
    उफ्फ्फ दीदी कितनी बड़ी बड़ी चूचियां है आपकी मजा आ गया इन्हे दबा कर…
    ‘ अह्ह्ह्ह भाई मेरी चुत पर भी थोड़ा ध्यान दे’
    मैंने देखा दीदी की चुत पूरी गीली हो रखी है.. दीदी की बूर बहुत ही सुन्दर और चिकनी थी.. मैंने दीदी की टांग को फैलाया और अपना मुंह दीदी के बूर पर ले गया.. और जोर जोर से चूसने लगा… आह्ह्ह्हह्ह भाई…. आग और भड़का दी है तूने…
    मैंने दीदी की बूर को बहुत चूसा और दीदी को सुपर एक्ससिटेड कर दिया… अह्ह्ह्हह्हह भाई बस कर चूसना और चोद मुझे
    मैंने दीदी को बिस्तर पर फेंक दिया और उनके ऊपर चढ़ गया… में लंड अब फिर से कड़क हो चूका था.. मै अपना लंड दीदी के बूर में रगड़ रहा था..
    आह्ह्ह्ह हरामी ये क्या कर रहा है.. घुसा क्यू नहीं रहा है… भाई अब डाल दे अंदर
    मैंने दीदी की गुफा में लंड रखा और धीरे से पेल दिया… लंड सर सराता हुआ दीदी के बूर में घुस गया.. उईईईईई अह्ह्ह्हह भाई पूरा पेल भाई… कब से तेरे मोठे लंड से फिर चुदना चाहती थी मैं… मैंने धीरे धीरे करके पूरा लंड दीदी की बूर में घुसा दिया.. और दीदी को चोदने लगा…
    अह्ह्ह्हह उउइइइइइइ भाई और जोर से मार
    ओह्ह्ह मेरी रांड दीदी कैसा लगा भाई का लंड
    उईईईईई भाई बहुत मजा आ रहा है… जब से तूने पहले बार चोदा है तब से वैसी चुदाई नहीं हुई मेरी… आज दो साल बाद फिर वही मजा आ रहा है.. ओह्ह्ह्हह रोहित फक मी बेबी….
    फिर दीदी ने पोजीशन बदली और मेरे लंड पर बैठ गयी. वो अपनी टांगों से कमर को पकड़ रखी थी. दीदी अपनी गांड उछाल उछाल कर मेरे लंड पर कूद रही थी और उसके मोटे मोटे चुच्चे हवा में उछल रहे थे. मैं दीदी की चूचियों को चूस रहा और उन्हें चोद रहा था…
    आह्ह्ह्हह्ह मेरे राजा भाई… और मार अच्छे से… फास्टर बेबी… फास्टर…
    दीदी पुरे एक घंटा चुदी… तब जाकर शांत हुई..

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